
Ganpati Utsav 2025 | गणेश चतुर्थी 2025 तिथि, स्थापना, आरती और विसर्जन
Ganpati Utsav 2025, जिसे गणेश चतुर्थी 2025 भी कहा जाता है, पूरे भारत में विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश को घरों और पंडालों में विराजमान किया जाता है और 10 दिनों तक भक्ति-भाव से उनकी पूजा-अर्चना कर गणेश विसर्जन किया जाता है।
इस ब्लॉग में हम आपको बताएँगे:
- गणेश चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- गणपति मूर्ति कैसी होनी चाहिए
- गणेश स्थापना कैसे करें
- गणपति आरती और पूजा विधि
- गणेश विसर्जन की तिथि और महत्व
- FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Ganpati Utsav 2025 and गणेश चतुर्थी 2025 (Ganesh Chaturthi 2025 Date) की तिथि और शुभ मुहूर्त
- तिथि: 27 अगस्त 2025 (बुधवार) – Ganesh Chaturthi 2025 Date
- शुभ मुहूर्त: प्रातः 11:05 AM से दोपहर 01:39 PM तक – गणपति स्थापना मुहूर्त, Ganesh Murti Sthapana
- इस समय पर गणपति स्थापना (Ganpati Sthapana 2025) करना अत्यंत शुभ माना गया है।
Ganpati Utsav 2025 and गणेश चतुर्थी 2025 City-Wise Timing Table
Ganpati Utsav 2025 और गणेश चतुर्थी 2025 की स्थापना का शहरवार शुभ मुहूर्त नीचे दिया गया है।
शहर | गणपति स्थापना मुहूर्त (27 अगस्त 2025) | अवधि |
मुंबई | सुबह 11:24 – दोपहर 01:55 बजे | 2 घंटे 31 मिनट |
पुणे | सुबह 11:21 – दोपहर 01:51 बजे | 2 घंटे 30 मिनट |
दिल्ली | सुबह 11:10 – दोपहर 01:42 बजे | 2 घंटे 32 मिनट |
अहमदाबाद | सुबह 11:29 – दोपहर 01:58 बजे | 2 घंटे 29 मिनट |
बेंगलुरु | सुबह 11:17 – दोपहर 01:47 बजे | 2 घंटे 30 मिनट |
कोलकाता | सुबह 10:55 – दोपहर 01:28 बजे | 2 घंटे 33 मिनट |
हैदराबाद | सुबह 11:15 – दोपहर 01:46 बजे | 2 घंटे 31 मिनट |
चेन्नई | सुबह 11:12 – दोपहर 01:43 बजे | 2 घंटे 31 मिनट |
जयपुर | सुबह 11:18 – दोपहर 01:49 बजे | 2 घंटे 31 मिनट |
लखनऊ | सुबह 11:13 – दोपहर 01:44 बजे | 2 घंटे 31 मिनट |
गुजरात में गणपति स्थापना कब है – Gujarat Me Ganesh Sthapana
गुजरात में गणेश चतुर्थी का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। खासकर अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे शहरों में सार्वजनिक पंडालों और घर-घर में गणपति बप्पा की स्थापना होती है।
गणेश चतुर्थी 2025 की शुरुआत इस बार
📅 27 अगस्त 2025, बुधवार को होगी और
🕉️ इसी दिन गुजरात में गणपति स्थापना (Ganesh Sthapana) का शुभ मुहूर्त रहेगा।
गुजरात के कई शहरों में पंडाल सजाए जाते हैं, झांकियां निकाली जाती हैं और गणेश विसर्जन पर विशाल शोभायात्रा का आयोजन होता है। अहमदाबाद में एलिस ब्रिज और रिवरफ्रंट क्षेत्र पर गणेश उत्सव की विशेष रौनक देखने को मिलती है।
शुभ मुहूर्त (Gujarat Ganesh Sthapana 2025 Shubh Muhurat)
- तिथि: 27 अगस्त 2025, बुधवार
- स्थापना का सर्वश्रेष्ठ समय: सुबह 11:15 से दोपहर 1:45 बजे तक (मध्याह्न मुहूर्त)
- चंद्र दर्शन: उसी रात शुभ समय पर
👉 गुजरात में लोग आमतौर पर मिट्टी की पर्यावरण–हितैषी गणेश प्रतिमा की स्थापना करते हैं ताकि विसर्जन के बाद पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे।
Ganpati Utsav History – गणपति उत्सव का इतिहास और महत्व
गणपति उत्सव (Ganesh Utsav) का इतिहास बहुत प्राचीन है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसी कारण इस दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।
👉 ऐतिहासिक रूप से, गणपति उत्सव का बड़ा महत्व छत्रपति शिवाजी महाराज के समय से जुड़ा है। उन्होंने मराठा साम्राज्य में गणेशोत्सव को राष्ट्रीय उत्सव के रूप में प्रचलित किया।
👉 बाद में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने 1893 में इस उत्सव को एक सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में पुनः प्रारंभ किया। उस समय यह अंग्रेजों के खिलाफ जनता को एकजुट करने का साधन बना।
👉 धार्मिक दृष्टि से गणपति उत्सव का महत्व:
- भगवान गणेश को विघ्नहर्ता (विघ्नों का नाश करने वाला) और सुखकर्ता दुखहर्ता कहा जाता है।
- इस दिन गणपति की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, ज्ञान और शक्ति की प्राप्ति होती है।
- व्यापारी वर्ग के लिए गणेश चतुर्थी नए कार्यों और निवेश की शुरुआत करने का शुभ समय है।
- यह उत्सव केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्सव का भी प्रतीक है।
Ganpati Ustav Celebrate in India – भारत में कहाँ-कहाँ सबसे बड़ा गणपति उत्सव मनता है?
भारत में गणपति उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, खासकर महाराष्ट्र में। यहाँ के कुछ प्रमुख गणेश पंडाल और मंदिर प्रसिद्ध हैं:
1. लालबागचा राजा (मुंबई)
- यह भारत का सबसे प्रसिद्ध गणपति पंडाल है।
- लाखों श्रद्धालु हर साल यहाँ दर्शन करने आते हैं।
- माना जाता है कि “लालबागचा राजा” की हर मनोकामना पूरी होती है।
2. सिद्धिविनायक मंदिर (मुंबई)
- यह मंदिर गणपति भक्तों का सबसे प्रिय स्थल है।
- यहाँ के गणपति को “नवसाचा गणपति” कहा जाता है, यानी जो भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।
- गणेश चतुर्थी पर यहाँ दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं।
3. दगडूशेठ हलवाई गणपति (पुणे)
- पुणे का यह पंडाल पूरे महाराष्ट्र में प्रसिद्ध है।
- यहाँ की भव्य सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए यह विशेष पहचान रखता है।
4. गणपति पंडाल, हैदराबाद और बेंगलुरु
- दक्षिण भारत में भी गणपति उत्सव बड़े भक्ति भाव से मनाया जाता है।
- हैदराबाद का “खैरताबाद गणपति” अपनी विशाल मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है।
5. अन्य प्रमुख स्थान
- नागपुर, नासिक, ठाणे, और गुजरात के अहमदाबाद, सूरत में भी गणेश उत्सव की विशेष धूम रहती है।
गणपति की मूर्ति कैसी होनी चाहिए?
- पर्यावरण की दृष्टि से शुद्ध मिट्टी (Eco-friendly) की गणेश मूर्ति लेना सबसे श्रेष्ठ माना गया है। (Eco friendly Ganpati Murti 2025)
- मूर्ति का रंग प्राकृतिक होना चाहिए, केमिकल वाली मूर्तियाँ घर में न रखें।
- गणपति का मुख दाईं ओर मुड़ा हुआ और शांत रूप में होना शुभ फल देता है।
- यदि संभव हो तो बैठे हुए गणेश जी की मूर्ति लें, जो समृद्धि और शांति का प्रतीक है।
Ganpati Sthapana 2025 | गणपति स्थापना विधि और पूजा प्रक्रिया

- सबसे पहले घर को स्वच्छ करें और पवित्र गंगाजल का छिड़काव करें।
- उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में चौकी या पाटे पर लाल वस्त्र बिछाएँ।
- चौकी पर चावल, कलश, नारियल और सुपारी रखकर गणेश जी को विराजमान करें।
- गणपति जी को दूर्वा, मोदक, लड्डू और लाल फूल अर्पित करें।
- गणेश जी का आवाहन मंत्र पढ़ें:
“ॐ गं गणपतये नमः”
Ganpati Aarti – गणेश जी की आरती (Ganesh Aarti 2025)

गणपति स्थापना के बाद प्रतिदिन सुबह-शाम गणपति आरती करनी चाहिए।
- “जय गणेश जय गणेश देवा…”
- “सुखकर्ता दुखहर्ता…”
आरती के साथ ढोल, मंजीरे और दीपक जलाकर भगवान को प्रसन्न करें।
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Ganesha Visarjan – गणेश विसर्जन 2025 की तिथि

- गणपति विसर्जन 5 सितंबर 2025 (शुक्रवार) को होगा।
- विसर्जन के दिन भक्त “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के साथ गणेश जी को जल में विसर्जित करते हैं।
- यदि आप घर में छोटा गणपति रखते हैं तो एक दिन का गणपति, पाँच दिन का गणपति या सात दिन का गणपति भी कर सकते हैं।
Ganpati Utsav 2025 – गणपति उत्सव 2025 का महत्व
- यह उत्सव भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
- इस समय भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
- व्यापार, शिक्षा और करियर में उन्नति के लिए विशेष पूजन किया जाता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
27 अगस्त 2025 से 5 सितंबर 2025 तक।
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में।
1, 3, 5, 7 या 10 दिन तक।
मिट्टी से बनी, बैठी हुई और दाईं सूंड वाली मूर्ति।
घर में ही बाल्टी या टब में विसर्जन करके मिट्टी को पौधों में डाल सकते हैं।
27 अगस्त 2025, बुधवार—भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी की तिथि।
सुबह 11:10 से 1:55 बजे तक (शहरवार अंतर हो सकता है
5 या 6 सितंबर 2025 (स्थानानुसार), अनंत चतुर्दशी के दिन।
27 अगस्त 2025, बुधवार
निष्कर्ष
गणपति उत्सव 2025 (Ganesh Utsav 2025) भक्ति, उल्लास और पर्यावरण-संरक्षण का संदेश लेकर आता है। सही समय पर गणपति स्थापना, विधिपूर्वक पूजा–अर्चना, और भावपूर्वक गणेश विसर्जन करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
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